छरोरा/मथुरा (संवाददाता: लक्ष्मण): उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद अंतर्गत ग्राम छरोरा में एक कथित निजी (प्राइवेट) डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक गरीब किसान की दुधारू भैंस की मौत का मामला सामने आया है। पशुपालक का आरोप है कि बीमारी समझ न आने के बावजूद कथित डॉक्टर कई दिनों तक गलत इलाज करता रहा, जिससे पशु की जान चली गई।
गलत इलाज और फिर फोन बंद कर फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम छरोरा निवासी पशुपालक की भैंस पिछले कुछ दिनों से बीमार थी। गांव में ही सक्रिय एक प्राइवेट डॉक्टर उसका इलाज कर रहा था। पशुपालक का कहना है कि डॉक्टर को बीमारी समझ नहीं आ रही थी, फिर भी वह इलाज के नाम पर खानापूर्ति करता रहा। अंततः भैंस ने दम तोड़ दिया। भैंस की मौत के बाद जब आरोपी डॉक्टर को फोन किया गया, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया और मौके से दूरी बना ली।
सरकारी पशु चिकित्साधिकारी की मौके पर दस्तक
घटना की सूचना तत्काल क्षेत्रीय सरकारी पशु चिकित्साधिकारी को दी गई। मौके पर पहुँचे सरकारी डॉक्टर ने भी आरोपी प्राइवेट डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी भी कॉल का जवाब नहीं दिया। सरकारी जांच में प्राथमिक तौर पर प्राइवेट डॉक्टर की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार सामने आया है।
कठोर कार्रवाई का मिला भरोसा
पशुपालक को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे परिवार सदमे में है। सरकारी पशु चिकित्साधिकारी ने पीड़ित किसान को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया है कि बिना डिग्री या अनुभव के पशुओं का गलत इलाज करने वाले इस कथित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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