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नहल: गांव की गलियों में बच्चों ने जमकर खेली होली; नन्ही टोली के रंग-गुलाल और पिचकारियों ने जीता सबका दिल

अपने गांव की गलियों में उत्सव मनाती बच्चों की टोली

नहल। रंगों का त्योहार होली आज ग्राम नहल में अपनी पूरी रंगत में नजर आया। सुबह की पहली किरण के साथ ही गांव का शांत माहौल अचानक बच्चों की खिलखिलाहट और 'होली है' के गूंजते नारों से जीवंत हो उठा। गांव की हर गली और हर चौपाल आज बच्चों के उत्साह और भाईचारे के रंगों से सराबोर दिखाई दी।

इंद्रधनुषी रंगों में रंगी गांव की गलियां

सुबह से ही नहल के बच्चे छोटी-छोटी टोलियां बनाकर अपने घरों से निकल पड़े। किसी के हाथ में बड़ी पिचकारी थी, तो कोई अपनी कमर पर रंग की बाल्टी बांधे हुए था। देखते ही देखते पूरा गांव इंद्रधनुषी रंगों में रंग गया। बच्चों ने न केवल एक-दूसरे को रंग से सराबोर किया, बल्कि रास्ते से गुजरने वाले हर ग्रामीण को प्रेमपूर्वक गुलाल का तिलक लगाकर होली की राम-राम की।

पिचकारियों की बौछार और गुलाल का गुबार

माहौल इतना खुशनुमा था कि गलियों में सिर्फ बच्चों की दौड़-धूप और रंगों की बौछार नजर आ रही थी। कहीं छतों से पानी की बौछारें हो रही थीं, तो कहीं गलियों में गुलाल का गुबार उड़ रहा था। नहल के इन नन्हें हुड़दंगियों की मस्ती देख बड़े-बुजुर्गों को भी अपना बचपन याद आ गया और कई जगह बुजुर्ग भी बच्चों के साथ इस जश्न में शामिल होते दिखाई दिए।

संस्कृति और संस्कार का संगम

होली के इस हुड़दंग में भी बच्चों ने गांव के संस्कारों का पूरा ध्यान रखा। बड़ों के पैरों में गुलाल डालकर आशीर्वाद लेना और बिना किसी भेदभाव के हर किसी को गले लगाकर होली की बधाई देना, नहल की इस होली को और भी खास बना गया। बच्चों की इस निश्छल होली ने समाज को प्रेम और एकता का एक बड़ा संदेश दिया है।

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