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अलीगढ़ के लाल का कमाल: पहले ही प्रयास में प्रतीक मुद्गल ने UPSC में हासिल की 54वीं रैंक

प्रतीक मुद्गल

सोशल मीडिया और समाचार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अतरौली के गनियावली गाँव के प्रतीक मुद्गल ने यूपीएससी में बाजी मारी है...

अतरौली। तहसील अतरौली के गाँव गनियावली के रहने वाले प्रतीक मुद्गल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में देशभर में 54वीं रैंक हासिल कर समूचे जनपद का नाम रोशन किया है। प्रतीक की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके परिवार, गाँव और पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।

लेफ्टिनेंट का पद छोड़ आईएएस बनने का देखा था सपना; बिना कोचिंग के स्वाध्याय से पाई सफलता

बिना कोचिंग के 'सेल्फ स्टडी' का जादू अखबारों की सामान्य खबरों से हटकर प्रतीक की सफलता की सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने इसके लिए कोई महंगी कोचिंग नहीं ली। उन्होंने दिल्ली में रहकर अकेले 'सेल्फ स्टडी' की और पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया। प्रतीक के अनुसार, उन्हें दर्शनशास्त्र और इतिहास पढ़ने के साथ-साथ समाज के बीच बैठकर लोगों के व्यवहार को समझना पसंद है, जिससे उन्हें काफी मदद मिली।

लेफ्टिनेंट की नौकरी को कहा 'ना' प्रतीक के संकल्प का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिविल सेवा से पहले उन्होंने लेफ्टिनेंट की परीक्षा भी पास कर ली थी। लेकिन मन में आईएएस (IAS) बनकर देश सेवा का जज़्बा इतना मज़बूत था कि उन्होंने उस पद पर ज्वाइन करने के बजाय अपनी तैयारी जारी रखी।

शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि प्रतीक के पिता विजय मुद्गल अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव और वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। प्रतीक ने संत फिदेलिस स्कूल से शुरुआती शिक्षा के बाद AMU (एएमयू) से बीए-एलएलबी की डिग्री ली। अपनी दो बहनों के बीच वह इकलौते भाई हैं। उनकी सफलता पर उनके चाचा और गनियावली के ग्राम प्रधान प्रशांत मुद्गल ने मिठाई बाँटकर खुशी का इज़हार किया।

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