गोबिंदपुर किरत, गाजीपुर (31 मार्च 2026): शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले प्रख्यात शिक्षक मनोज कुमार सिंह की सेवानिवृत्ति पर उनके पैतृक गांव गोबिंदपुर किरत (मरदह क्षेत्र) में एक भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। शास्त्री इंटर कॉलेज, जंगीपुर से जीव विज्ञान प्रवक्ता के रूप में अपनी लंबी सेवा पूरी कर घर लौटने पर ग्रामीणों ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया।
34 वर्षों का शानदार शिक्षण सफर
स्वर्गीय रामजन्म सिंह के सुपुत्र मनोज कुमार सिंह का अध्यापन करियर कुल 34 वर्षों का रहा। उन्होंने वर्ष 1992 में माता तपेश्वरी शिक्षण संस्थान से अपने सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद जनवरी 2000 से मार्च 2024 तक उन्होंने शास्त्री इंटर कॉलेज, जंगीपुर में जीव विज्ञान के अध्यापक के रूप में अपनी सेवाएँ दीं। अपनी सरल कार्यशैली और प्रभावशाली शिक्षण के कारण वे हमेशा छात्रों के प्रिय रहे।
फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से गूंजा गांव
सेवानिवृत्ति के बाद जब मनोज सिंह अपने गांव पहुँचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें पलकों पर बिठा लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पुष्प वर्षा की गई और उन्हें अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस भावुक पल में परिवारजनों के साथ केक काटकर खुशियाँ साझा की गईं।
परिवार और शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति: इस अवसर पर उनकी पत्नी निर्मला सिंह, पुत्र अतुल सिंह, पुत्रवधू प्रियंका सिंह, पौत्र आदित्या व अन्वित, पुत्री ज्योति सिंह और दामाद गोपाल सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। साथ ही संतोष सिंह, शैलेन्द्र सिंह, अनिल राय, कमलेश सिंह, आशुतोष सिंह सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और शिक्षण संस्थान का स्टाफ उपस्थित रहा।
"छात्रों का प्यार ही मेरी असली पूँजी"
समारोह के अंत में भावुक होकर मनोज कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि "शिक्षा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि संस्कार है। छात्रों से मिला स्नेह और समाज से मिला यह सम्मान ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी कमाई है।"
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