आगरा (29 मार्च 2026): मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (CM-GRIDS) के तहत ताजनगरी को स्मार्ट बनाने का दावा अब जनता की जान पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। शंकर ग्रीन्स 100 फीट रोड से लेकर पुष्प नगर तक के मुख्य मार्ग पर पिछले 7 से 10 दिनों से गहरे चैम्बर्स को खुला छोड़ दिया गया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं।
लापरवाही की इंतहा: न बैरिकेडिंग, न रिफ्लेक्टर
इस महत्वपूर्ण मार्ग पर ड्रेनेज का काम चल रहा है, लेकिन निर्माणाधीन गहरे गड्ढों और चैम्बर्स के चारों ओर सुरक्षा के कोई इंतज़ाम नहीं हैं। भारी यातायात वाले इस रोड पर रात के अंधेरे में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए ये खुले चैम्बर्स 'मौत के जाल' की तरह हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग 10 दिनों से गहरी नींद में सोया है।
विभागीय पक्ष: सुरक्षा का सवाल सुनते ही भाग खड़े हुए अधिकारी
इस गंभीर लापरवाही को लेकर जब "सब कुछ घर बैठे न्यूज़" की टीम ने संबंधित विभाग के सहायक अभियंता (A.E.) दीपांकर से संपर्क किया, तो उनका व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना रहा।
सच का सामना: संपर्क करने पर सहायक अभियंता दीपांकर ने पहले पत्रकार का परिचय और कार्यस्थल की लोकेशन पूछी। लेकिन जैसे ही उनसे सड़क पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बैरिकेडिंग न होने पर सवाल किया गया, उन्होंने बीच में ही फोन काट दिया। इसके बाद बार-बार प्रयास करने पर भी उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा और कॉल डिस्कनेक्ट करते रहे।
स्थानीय लोगों में भारी रोष
अधिकारी के इस रवैये से साफ है कि जनता की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में नहीं है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि न केवल सुरक्षा, बल्कि यहाँ इस्तेमाल हो रहे मटेरियल की गुणवत्ता पर भी संदेह है, जिसकी जांच होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतज़ार करने के बजाय प्रशासन तुरंत यहाँ बैरिकेडिंग और सुरक्षा सूचक बोर्ड लगाए।
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