आगरा | शनिवार, 07 मार्च 2026
आगरा। ताजनगरी के 16 बीघा, उखर्रा और कौलक्खा रोड क्षेत्र में इन दिनों हालात बेहद खराब हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़कों के किनारे और खाली मैदानों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस कचरे में अक्सर आग लगा दी जाती है, जिससे निकलने वाला ज़हरीला धुआँ पूरे इलाके में फैल रहा है।
मुख्य समस्याएं: ज़हरीला धुआँ और प्रशासनिक अनदेखी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे में जल रहे प्लास्टिक और अपशिष्ट पदार्थों से निकलने वाला काला धुआँ सीधे लोगों के फेफड़ों में जा रहा है। इससे बुजुर्गों और बच्चों में स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। निवासियों का कहना है कि नगर निगम की गाड़ियाँ यहाँ कचरा डालकर जाती हैं। जब ग्रामीण विरोध करते हैं, तो जल्द कचरा उठाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे में जल रहे प्लास्टिक और अपशिष्ट पदार्थों से निकलने वाला काला धुआँ सीधे लोगों के फेफड़ों में जा रहा है। इससे बुजुर्गों और बच्चों में स्वास्थ्य खराब होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। निवासियों का कहना है कि नगर निगम की गाड़ियाँ यहाँ कचरा डालकर जाती हैं। जब ग्रामीण विरोध करते हैं, तो जल्द कचरा उठाने का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अधिकारी का आश्वासन: जल्द होगा समाधान
इस पूरे मामले पर नगर निगम के अधिकारी लक्की शर्मा जी का रुख सकारात्मक रहा है। उन्होंने 'सब कुछ घर बैठे न्यूज़' से बात करते हुए आश्वासन दिया है कि:
इस पूरे मामले पर नगर निगम के अधिकारी लक्की शर्मा जी का रुख सकारात्मक रहा है। उन्होंने 'सब कुछ घर बैठे न्यूज़' से बात करते हुए आश्वासन दिया है कि:
"क्षेत्र की समस्या हमारे संज्ञान में है। जल्द से जल्द इस जगह की पूरी सफाई सुनिश्चित की जाएगी और डंपिंग पॉइंट को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।"
'जीरो वेस्ट जोन' बनाने के लिए सुझाव:
नगर निगम और स्थानीय समुदाय को मिलकर इस स्थान को स्वच्छ रखने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे बोर्ड और निगरानी: सफाई के तुरंत बाद 'कचरा फेंकना वर्जित है' के बोर्ड लगाए जाएं। नियमित उठान: स्कूल के पास के डस्टबिन को दिन में कम से कम दो बार खाली किया जाए। सौंदर्यीकरण: खाली जगह पर पौधे लगाकर उसे छोटे पार्क या सेल्फी पॉइंट में बदला जाए। जागरूकता: निवासियों को 'डोर-टू-डोर' कचरा कलेक्शन वाहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
नगर निगम और स्थानीय समुदाय को मिलकर इस स्थान को स्वच्छ रखने के लिए कुछ कदम उठाने होंगे बोर्ड और निगरानी: सफाई के तुरंत बाद 'कचरा फेंकना वर्जित है' के बोर्ड लगाए जाएं। नियमित उठान: स्कूल के पास के डस्टबिन को दिन में कम से कम दो बार खाली किया जाए। सौंदर्यीकरण: खाली जगह पर पौधे लगाकर उसे छोटे पार्क या सेल्फी पॉइंट में बदला जाए। जागरूकता: निवासियों को 'डोर-टू-डोर' कचरा कलेक्शन वाहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
तरुन गिरि | संवाददाता | सब कुछ घर बैठे न्यूज़ |
आगरा (उत्तर प्रदेश)
आगरा (उत्तर प्रदेश)

0 Comments