मालेगांव, दिनांक: 30 मार्च 2026:
मालेगांव मध्य (114) और मालेगांव बाहरी (115) विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची के अद्यतनीकरण और सत्यापन (SIR) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में माननीय मतदाता पंजीकरण अधिकारी, मालेगांव को एक ज्ञापन (निवेदन) सौंपा गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि नियमतः बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य है। हालांकि, शिकायतें मिली हैं कि कुछ क्षेत्रों में ये अधिकारी राजनीतिक दलों और निजी संस्थाओं के अनधिकृत 'हेल्प सेंटर्स' में बैठकर मैपिंग कर रहे हैं। इसके कारण मतदाता सूची में दोहराव (Double/Triple names) की समस्या बनी हुई है।
साथ ही, विवाह या तलाक के कारण स्थानांतरित हुई महिला मतदाताओं के पुराने नाम नहीं हटाए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप विभिन्न वार्डों में एक ही मतदाता का नाम कई बार दर्ज पाया गया है। आशंका जताई गई है कि कुछ स्थानों पर नाम की समानता का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज जोड़े जा रहे हैं।
इस पृष्ठभूमि में, BLO के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए 'जियो-टैगिंग' (Geo-tagging) प्रणाली को तत्काल लागू करने की मांग की गई है। इससे फर्जी मैपिंग पर रोक लगेगी और यह सुनिश्चित होगा कि अधिकारी वास्तव में मौके पर पहुंचे हैं।
इस बीच, नगर निगम की विशेष आम सभा में निजी व्यक्तियों को 'BLO सहायक' के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिस पर कड़ा कानूनी विरोध दर्ज कराया गया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार, मतदाता सूची का कार्य केवल सरकारी या अर्ध-सरकारी कर्मचारियों द्वारा ही किया जाना अनिवार्य है। अतः ऐसी नियुक्तियां अवैध हैं और मतदाताओं की संवेदनशील जानकारी निजी व्यक्तियों को देना गोपनीयता का उल्लंघन है।
यदि सरकारी जनशक्ति की कमी है, तो निजी व्यक्तियों के बजाय 'राज्य होमगार्ड्स' का उपयोग करने का प्रस्ताव दिया गया है। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, महाराष्ट्र और भारत निर्वाचन आयोग को तत्काल सिफारिश भेजने की मांग की गई है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से अनधिकृत 'SIR हेल्प सेंटर' को तुरंत बंद करने, नियमों का उल्लंघन करने वाले BLO पर कार्रवाई करने, मतदाता सूची से दोहरे नाम हटाने और जियो-टैगिंग प्रणाली लागू करने की मांग की गई है।
यह ज्ञापन जिलाध्यक्ष नीलेश कचवे के नेतृत्व में सौंपा गया। इस अवसर पर शहराध्यक्ष देवा पाटिल, महामंत्री हर्षल पवार और विधि प्रकोष्ठ (Law Cell) के शहराध्यक्ष एड. योगेश निकम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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