राज्य में वर्तमान में जारी एलपीजी गैस की भारी किल्लत के विरोध में और आम नागरिकों की विभिन्न मांगों को लेकर वंचित बहुजन आघाड़ी, नाशिक जिला (पूर्व) की ओर से आज मालेगांव में अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। "नरेंद्र कब मिलेगा गैस सिलेंडर" के नारों के साथ प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गैस की कमी के कारण आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है।
गैस की कमी के चलते वर्तमान में गृहिणियों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है और कई घरों में चूल्हे जलना बंद हो गए हैं। चाय की टपरियां, सड़क किनारे खाद्य पदार्थों के ठेले और छोटे व्यवसायी गैस न मिलने के कारण अपनी दुकानें बंद करने पर मजबूर हैं। लोगों को एक बार फिर कोयले और लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है। छात्रों के मेस में भोजन मिलना कठिन होने के कारण कई छात्र अपने गांवों की ओर लौट गए हैं, वहीं गैस की कमी के चलते रिक्शा किराया भी बढ़ गया है, जिसका सीधा फटका आम नागरिकों को लग रहा है।
इस गंभीर स्थिति का उल्लेख करते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि अकोला और अमरावती में गैस सिलेंडर पाने के लिए कतार में खड़े नागरिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होना अत्यंत पीड़ादायक है। वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता बाळासाहेब (प्रकाश) आंबेडकर ने 11 मार्च को ही इस संकट के प्रति आगाह किया था, जो आज दुर्भाग्यवश सच साबित हो रहा है। आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के संकट काल में खराब प्रबंधन और तैयारियों के अभाव पर भी तीखी आलोचना की गई।
वर्तमान में बाजार में गैस सिलेंडर की भारी कालाबाजारी हो रही है और सिलेंडर 5 से 7 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। सरकार स्थिति सामान्य होने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत में जनता की लूट जारी है। इसलिए यह कृत्रिम किल्लत तुरंत रोकी जानी चाहिए, कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए और 15 दिनों में सिलेंडर मिलने की बाध्यकारी शर्त को शिथिल किया जाना चाहिए।
साथ ही मांग की गई है कि छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए तत्काल 'कम्युनिटी किचन' शुरू किया जाए, केवाईसी (KYC) न होने के कारण जिन नागरिकों के सिलेंडर रोके गए हैं उन्हें तुरंत उपलब्ध कराए जाएं और जिले में 'उज्ज्वला गैस' योजना का प्रभावी ढंग से ऑडिट किया जाए। यदि इन मांगों पर सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया, तो वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
0 Comments