छह दशकों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का आरोप; भोसले बोले—
"भारतीय होने का प्रमाण माँगा तो होगा आर-पार का आंदोलन"
मालेगांव। भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया के खिलाफ मालेगांव के पूर्व नगर अध्यक्ष दीपक भोसले ने मोर्चा खोल दिया है। सोमैया द्वारा दिए गए "गैर-जिम्मेदाराना" बयानों को अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा के खिलाफ बताते हुए भोसले ने उन्हें 5 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है। भोसले का आरोप है कि सोमैया के दौरों से शहर का सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है।
60 वर्षों की निष्ठा पर सवाल: जन्म प्रमाण पत्र का विवाद
भोसले परिवार पिछले 60 वर्षों से मालेगांव की राजनीति में सक्रिय है, लेकिन हाल ही में नगर निगम प्रशासन द्वारा तकनीकी कारणों से दीपक भोसले का जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने का नोटिस जारी किया गया है। भोसले ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताते हुए प्रशासन और किरीट सोमैया के 'फर्जी प्रमाण पत्र' अभियान पर निशाना साधा है।
'बांग्लादेशी' और 'आतंकवादी' शब्दों पर भड़के भोसले
सोमैया द्वारा अपनी जांच के दौरान 'बांग्लादेशी' और 'आतंकवादी' जैसे शब्दों के इस्तेमाल से भोसले परिवार में भारी नाराजगी है। भोसले ने कहा, "मेरा जन्म ऐतिहासिक भोसले वंश में हुआ है। SIT की जांच में एक भी विदेशी नागरिक नहीं मिला, फिर भी मेरी नागरिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।"
नगर निगम के द्वार पर प्रदर्शन और जिलाधिकारी को ज्ञापन
इस अन्याय के खिलाफ भोसले ने नगर निगम के मुख्य द्वार पर धरना दिया और आक्रामक होते हुए आयुक्त का 'नार्को टेस्ट' कराने की मांग की। उन्होंने जिलाधिकारी आयुष प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन भ्रष्टाचार के दलदल में फंसा हुआ है। भ्रष्टाचार के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पूर्व जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
अगला कदम: कानूनी और न्यायिक लड़ाई
किरीट सोमैया को नोटिस भेजने के बाद दीपक भोसले अब पूर्ण रूप से न्यायिक लड़ाई के लिए तैयार हैं। इस मामले ने अब महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
मालेगांव, नाशिक (महाराष्ट्र)
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