गाजीपुर | बिरनो क्षेत्र स्थित रसूलाबाद गांव में सिंचाई विभाग की नाली के किनारे लगे आधा दर्जन हरे पेड़ काट दिए गए हैं। इस घटना से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जबकि सरकार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का दावा करती है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाली के किनारे वर्षों से खड़े इन हरे-भरे पेड़ों को हाल ही में काटा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कटाई से क्षेत्र की हरियाली को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों ने बताया कि एक ओर सरकार हर साल करोड़ों पेड़ लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह हरे पेड़ों की कटाई से वृक्षारोपण अभियान की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि इस पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र में पर्यावरण असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि ये पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ राहगीरों को छाया भी प्रदान करते थे, जिनकी अनुपस्थिति से क्षेत्र की सुंदरता और हरियाली दोनों प्रभावित हुई हैं।
इस संबंध में ट्यूबवेल ऑपरेटर वंदना ने बताया कि विभाग को पेड़ कटने की जानकारी नहीं है।
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