| आगरा में रिपोर्टर तरुण गिरी के घर प्रतिदिन आने वाली गाय के साथ होली खेलने के बाद खाना खिलाता नन्हा अथर्व |
आगरा | बुधवार, 04 मार्च 2026
आगरा।ताजनगरी आगरा में आज होली का पर्व केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि संस्कारों की एक नई मिसाल बनकर उभरा है। 'सब कुछ घर बैठे न्यूज़' के आगरा संवाददाता तरुण गिरी ने ग्राउंड जीरो से होली की ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जो दिल को छू लेने वाली हैं। रंगों के महापर्व होली पर जहाँ हुड़दंग की तस्वीरें आम हैं, वहीं ताजनगरी आगरा से 'सब कुछ घर बैठे न्यूज़' के रिपोर्टर तरुण गिरी के घर से संस्कार और जीव-सेवा की एक अद्भुत झलक सामने आई है। यहाँ नन्हे अथर्व ने गौ माता 'वृंदा' और बछड़े 'कृष्ण' के साथ ऑर्गेनिक होली मनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
दैनिक नियम: प्रेम का अटूट बंधन
यह होली केवल एक दिन का दिखावा नहीं, बल्कि एक अटूट दैनिक नियम का हिस्सा है। तरुण गिरी और उनके बेटे अथर्व का यह रोज़ का नियम है गौ माता वृंदा और उनका बछड़ा कृष्ण प्रतिदिन तरुण गिरी के द्वार पर आते हैं। पिता-पुत्र की यह जोड़ी रोजाना पूरी श्रद्धा के साथ उन्हें भोजन कराते हैं और उनकी सेवा करते हैं। अथर्व की नन्हीं उम्र में यह सेवा भाव उसके पिता तरुण गिरी द्वारा दिए गए संस्कारों का ही परिणाम है, जो अब एक अटूट परंपरा बन चुकी है।
वृंदा-कृष्ण के संग ऑर्गेनिक होली
आज इसी सेवा भाव की अगली कड़ी में अथर्व ने अपने इन मूक मित्रों के साथ होली खेली। रसायनों से दूर रहते हुए अथर्व ने केवल प्राकृतिक (ऑर्गेनिक) रंगों से वृंदा और कृष्ण को तिलक लगाया। पिता तरुण गिरी और पुत्र अथर्व की यह जोड़ी आज आगरा में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने बिखेरे खुशियों के रंग
आज आगरा की गलियों में जब रंगों का कारवां निकला, तो हमारे रिपोर्टर तरुण गिरी अपने नन्हे बेटे के साथ होली के रंग में सराबोर नजर आए। पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने न केवल त्योहार का आनंद लिया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया।
| आगरा में होली के रंग: रिपोर्टर तरुण गिरी अपने बेटे के साथ साझा करते हुए पिता-पुत्र का स्नेह। |
संपादकीय टिप्पणी
जब कोई बालक बेजुबानों की सेवा को अपना दैनिक नियम बना लेता है, तो समझ लीजिए कि हमारा भविष्य सुरक्षित हाथों में है। तरुण गिरी का यह प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि हर अभिभावक के लिए एक प्रेरणा भी है।
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