आज हुई इस ओलावृष्टि के कारण गर्मी की फसलों, विशेष रूप से प्याज, अनार और अंगूर के बागानों को भारी क्षति हुई है। ओलों की मार से खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं और कटाई के लिए तैयार माल खेतों में ही भीगने के कारण किसानों का भारी नुकसान हुआ है। पहले से ही बाजार भाव न मिलने के कारण परेशान किसान, अब इस आसमानी बिजली और संकट के कारण पूरी तरह बेबस हो गया है।
खासकर कटाई के समय हुए इस नुकसान ने किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई जगहों पर खेतों में घुटनों तक पानी भर जाने से फसलें सड़ने का डर पैदा हो गया है, साथ ही पशुओं के चारे की समस्या भी गंभीर हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है और किसानों की कमर तोड़ दी है।
अब इन सभी क्षेत्रों के किसानों की ओर से यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल पंचनामा करे और प्रभावित किसानों को फौरन आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आधार दे।
0 Comments